अगर आप थाईलैंड घूमने जाना चाह रहे हैं, तो आपके लिए अच्छी खबर है। थाईलैंड ने भारतीय पासपोर्ट होल्डर्स के लिए एक बार फिर से वीजा-फ्री एंट्री की सुविधा शुरू कर दी है।
दरअसल, कुछ समय पहले थाईलैंड ने अपनी 60-दिनों की वीजा-फ्री एंट्री भारतीयों के लिए बंद कर दिया था और ऑन अराइवल वीजा ऑन अराइवल की सुविधा शुरू की थी। हालांकि, इसमें भी नियम था कि आप 15 दिन से ज्यादा दिन तक नहीं रुक सकते हैं।
थाईलैंड के इस फैसले के बाद भारतीय टूरिस्ट्स की संख्या में काफी कमी आ गई थी, जिसके बाद थाईलैंड सरकार ने ये नया कदम उठाया। इस फैसले से भारतीय नागरिकों के लिए थाईलैंड की यात्रा आसान और सुविधाजनक हो जाएगी।
इस नए नियम से क्या बदलाव होंगे?
इस नए नियम के अंदर अब भारत समेत 59 देशों के लोग 30 दिनों तक बिना वीजा के थाईलैंड में प्रवेश कर सकते हैं और रुक सकते हैं। इस नए नियम के कारण भारत भी अब बुल्गारिया, क्रोएशिया, माल्टा और मालदीव जैसे देशों की लिस्ट में शामिल हो गया है, जिन्हें वीजा पर खास छूट मिली गुई है। यानी अब भारतीयों को थाईलैंड पहुंचकर वीजा ऑन अराइवल नहीं लेना पड़ेगा। इन देशों के अलावा, यूरोपीय यूनियन के सभी 27 देशों को भी 30 दिनों की वीजा फ्री एंट्री मिलती है।
कब से लागू होंगे ये नए नियम?
ये वीजा नियम थाईलैंड के रॉयल गैजेट में पब्लिश होने के 15 दिनों के बाद से ही प्रभावी हो जाएंगे। वहीं, जो इस नियम के लागू होने से पहले थाईलैंड पहुंच चुके हैं, उन्हें पुराने नियम को ही मानना होगा और सिर्फ 15 दिन रुकने की ही अनुमति दी जाएगी।
60 की जगह 30 दिन की ही छूट क्यों?
आमतौर पर भारतीय पर्यटक थाईलैंड में 7-8 दिन बिताते हैं। इसलिए इस अवधि को ध्यान में रखते हुए थाईलैंड सरकार ने 60 दिन की वीजा फ्री एंट्री की जगह 30 दिनों की वीजा फ्री एंट्री की सुविधा शुरू की है। इससे भारतीय आराम से अपनी ट्रिप प्लान कर पाएंगे और बिना वीजा की टेंशन के आराम से घूम भी सकते हैं।
वीजा-फ्री एंट्री क्यों हटाई गई थी?
थाईलैंड सरकार ने मई 2026 में भारत सहित 93 देशों के लिए 60 दिनों की वीजा-फ्री एंट्री को बंद कर दिया था। इसके कारण भारतीयों को थाईलैंड पहुंचने के बाद वीजा लेना जरूरी था। इस नए नियम के लागू होने के बाद थाईलैंड में भारत से आने वाले पर्यटकों की संख्या कम हो गई थी, जिसका असर उनकी टूरिज्म इंडस्ट्री पर पड़ रहा था। आपको बता दें कि थाईलैंड में सबसे तीसके नंबर पर सबसे ज्यादा भारतीय टूरिस्ट ही जाते हैं, लेकिन इस नियम के कारण इस संख्या में गिरावट आ गई थी।


