NEET Paper Leak: संसद में काले कपड़ों में उतरा विपक्ष, राहुल-प्रियंका ने संभाली कमान; सरकार से छात्रों के लिए संवाद की मांग

नई दिल्ली। संसद के मानसून सत्र के दौरान NEET पेपर लीक और प्रदर्शनकारी छात्रों पर हुई कथित पुलिस कार्रवाई को लेकर विपक्ष ने केंद्र सरकार के खिलाफ जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। कांग्रेस नेता राहुल गांधी और प्रियंका गांधी की अगुआई में विपक्षी सांसद काले कपड़े पहनकर संसद भवन पहुंचे और सरकार के खिलाफ नारेबाजी की।

विपक्ष का कहना है कि छात्रों से जुड़े मुद्दों को गंभीरता से लिया जाना चाहिए और सरकार को इस मामले में जवाबदेही तय करते हुए प्रभावित छात्रों के साथ संवाद करना चाहिए।


काले कपड़ों में संसद पहुंचे विपक्षी सांसद

संसद परिसर में विपक्षी सांसदों ने काले वस्त्र पहनकर विरोध दर्ज कराया। इस प्रदर्शन का उद्देश्य NEET पेपर लीक मामले और छात्रों पर हुई कथित कार्रवाई के खिलाफ अपना विरोध जताना था।

राहुल गांधी और प्रियंका गांधी सहित कई वरिष्ठ नेताओं ने इस प्रदर्शन में हिस्सा लिया और सरकार से शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता सुनिश्चित करने की मांग की।


शिक्षा मंत्री के खिलाफ नारेबाजी

प्रदर्शन के दौरान विपक्षी सांसदों ने शिक्षा मंत्री के खिलाफ नारे लगाए और मांग की कि—

  • NEET पेपर लीक मामले की निष्पक्ष जांच हो।
  • दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए।
  • छात्रों की चिंताओं को प्राथमिकता दी जाए।
  • सरकार छात्रों और अभिभावकों से संवाद स्थापित करे।

संसद में गरमाया माहौल

विपक्ष के विरोध प्रदर्शन के कारण संसद परिसर में राजनीतिक माहौल गरमा गया। विपक्ष का आरोप है कि छात्रों के भविष्य से जुड़े मुद्दों पर सरकार अपेक्षित गंभीरता नहीं दिखा रही।

वहीं सत्ता पक्ष का कहना है कि सरकार परीक्षा प्रणाली को पारदर्शी बनाने और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करने के लिए आवश्यक कदम उठा रही है।


छात्रों के मुद्दे पर बढ़ी राजनीतिक बहस

NEET पेपर लीक का मुद्दा पिछले कई दिनों से राष्ट्रीय राजनीति का प्रमुख विषय बना हुआ है। विपक्ष लगातार इसे संसद में उठाने की मांग कर रहा है, जबकि सरकार का कहना है कि मामले की जांच चल रही है और दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा।


विपक्ष की प्रमुख मांगें

विपक्ष ने सरकार के सामने कई मांगें रखीं—

  • पेपर लीक की निष्पक्ष और समयबद्ध जांच।
  • दोषियों पर सख्त कानूनी कार्रवाई।
  • परीक्षा प्रणाली में सुधार।
  • छात्रों की सुरक्षा और अधिकारों की रक्षा।
  • प्रभावित अभ्यर्थियों के साथ संवाद।

सरकार का पक्ष

सरकार पहले भी स्पष्ट कर चुकी है कि परीक्षा में किसी भी प्रकार की अनियमितता को गंभीरता से लिया जाएगा। संबंधित एजेंसियां मामले की जांच कर रही हैं और दोषियों के खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई की जाएगी।


निष्कर्ष

NEET पेपर लीक और छात्रों से जुड़े मुद्दों को लेकर संसद का मानसून सत्र पहले ही दिन राजनीतिक टकराव का केंद्र बन गया। राहुल गांधी और प्रियंका गांधी की अगुआई में विपक्ष ने काले कपड़े पहनकर विरोध दर्ज कराया और सरकार से छात्रों के साथ संवाद तथा निष्पक्ष कार्रवाई की मांग की। आने वाले दिनों में यह मुद्दा संसद के भीतर और बाहर दोनों जगह राजनीतिक बहस का प्रमुख विषय बना रह सकता है।

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