Lucknow News: उत्तर प्रदेश में आज का दिन राजनीतिक और प्रशासनिक लिहाज से काफी अहम है। योगी आदित्यनाथ सरकार विधानसभा में करीब 25 हजार करोड़ रुपये का अनुपूरक बजट पेश करने जा रही है। दूसरी ओर सावन और कांवड़ यात्रा को देखते हुए प्रदेश में ट्रैफिक व्यवस्था में बड़ा बदलाव किया गया है। दिल्ली-हरिद्वार हाईवे पर भारी वाहनों की आवाजाही पर रोक लागू की गई है, जबकि गाजियाबाद में कांवड़ यात्रा के मद्देनजर स्कूलों को भी बंद रखने का फैसला लिया गया है।

विधानसभा में आज पेश होगा अनुपूरक बजट
योगी सरकार आज विधानसभा में लगभग 25 हजार करोड़ रुपये का अनुपूरक बजट पेश करेगी। अनुपूरक बजट के जरिए सरकार वित्तीय वर्ष के दौरान उन योजनाओं और परियोजनाओं के लिए अतिरिक्त धन का प्रावधान करती है, जिनके लिए मूल बजट में पर्याप्त राशि उपलब्ध नहीं थी।
इस बजट में विकास परियोजनाओं, बुनियादी ढांचे, सड़क निर्माण, सरकारी योजनाओं और अन्य जरूरी मदों के लिए अतिरिक्त धनराशि का प्रावधान किए जाने की उम्मीद है।
अनुपूरक बजट पेश होने के बाद विधानसभा में इस पर चर्चा होगी। ऐसे में सरकार और विपक्ष के बीच कई मुद्दों पर सियासी बहस देखने को मिल सकती है।
कांवड़ यात्रा के चलते दिल्ली-हरिद्वार हाईवे पर बड़ा बदलाव
वहीं दूसरी तरफ सावन की कांवड़ यात्रा को देखते हुए दिल्ली-हरिद्वार मार्ग पर ट्रैफिक व्यवस्था में बड़ा बदलाव किया गया है। आज से 12 अगस्त तक भारी वाहनों की आवाजाही पर रोक रहेगी।
कांवड़ यात्रा के दौरान हरिद्वार और पश्चिमी उत्तर प्रदेश की तरफ बड़ी संख्या में कांवड़िए पहुंचते हैं। ऐसे में सड़क पर पैदल श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या को देखते हुए प्रशासन ने भारी वाहनों को प्रतिबंधित करने का फैसला लिया है।
इस दौरान ट्रक, भारी मालवाहक वाहन और अन्य बड़े वाहनों को वैकल्पिक रास्तों से भेजा जा सकता है। वाहन चालकों को यात्रा शुरू करने से पहले प्रशासन द्वारा जारी रूट डायवर्जन प्लान की जानकारी लेने की सलाह दी गई है।
गाजियाबाद में स्कूल भी रहेंगे बंद
कांवड़ यात्रा का असर गाजियाबाद की शैक्षणिक व्यवस्था पर भी पड़ा है। श्रद्धालुओं की भारी भीड़ और ट्रैफिक डायवर्जन को देखते हुए गाजियाबाद में स्कूलों को बंद रखने का फैसला किया गया है।
प्रशासन का उद्देश्य स्कूल आने-जाने वाले बच्चों और अभिभावकों को ट्रैफिक जाम तथा कांवड़ यात्रा के दौरान होने वाली भीड़ से होने वाली परेशानी से बचाना है।
कांवड़ यात्रा के दौरान कई प्रमुख सड़कों पर यातायात का दबाव बढ़ जाता है। ऐसे में स्कूलों को बंद रखने से स्थानीय ट्रैफिक को नियंत्रित करने में भी प्रशासन को मदद मिल सकती है।
श्रद्धालुओं की सुरक्षा पर प्रशासन का फोकस
कांवड़ यात्रा के दौरान प्रशासन की प्राथमिकता श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुचारु यातायात व्यवस्था बनाए रखना है। पुलिस और प्रशासन की टीमें प्रमुख मार्गों पर तैनात हैं।
भारी वाहनों पर रोक और रूट डायवर्जन का मकसद कांवड़ियों और सामान्य यातायात को अलग-अलग रखना है, ताकि किसी तरह की दुर्घटना या अव्यवस्था की स्थिति पैदा न हो।
आज यूपी में दो बड़े मुद्दे
उत्तर प्रदेश में आज एक तरफ विधानसभा में करीब ₹25 हजार करोड़ के अनुपूरक बजट को लेकर राजनीतिक गतिविधियां तेज रहेंगी, वहीं दूसरी तरफ कांवड़ यात्रा को देखते हुए सड़क और स्कूलों से जुड़े प्रशासनिक फैसलों का असर आम लोगों पर दिखाई देगा।
सरकार के सामने विधानसभा में बजट को लेकर विपक्ष के सवालों का जवाब देने के साथ-साथ कांवड़ यात्रा के दौरान कानून-व्यवस्था और ट्रैफिक को नियंत्रित रखने की भी बड़ी जिम्मेदारी है।


