फुकेत से दिल्ली आ रही एयर इंडिया की एक फ्लाइट में 4 अगस्त को हुई अचानक टर्बुलेंस के बाद अब पायलट के डोप टेस्ट को लेकर बड़ा अपडेट सामने आया है। विमान ने उड़ान के दौरान अचानक करीब 300 फीट की ऊंचाई खो दी थी, जिसके बाद कुछ यात्रियों और क्रू सदस्यों को चोटें आई थीं। दिल्ली पहुंचने के बाद किए गए शुरुआती डोप टेस्ट में कप्तान का रिजल्ट ‘नॉट नेगेटिव’ आया है। हालांकि, इसका मतलब अभी यह नहीं है कि पायलट ने प्रतिबंधित पदार्थ का सेवन किया था। नमूने को पुष्टि के लिए आगे लैब टेस्ट में भेजा गया है।

300 फीट नीचे आया था विमान
यह मामला 4 अगस्त 2026 को फुकेत से नई दिल्ली आ रही एयर इंडिया की फ्लाइट से जुड़ा है। उड़ान के दौरान विमान को अचानक तेज टर्बुलेंस का सामना करना पड़ा और विमान ने कुछ ही समय में लगभग 300 फीट की ऊंचाई खो दी। इस घटना के बाद विमान की सुरक्षा और फ्लाइट ऑपरेशन को लेकर जांच शुरू की गई।
रिपोर्टों के मुताबिक, घटना के दौरान 17 लोग घायल हुए, जिसके बाद दिल्ली में विमान के उतरने पर यात्रियों और क्रू सदस्यों की स्थिति की जांच की गई।
पायलट का डोप टेस्ट आया ‘नॉट नेगेटिव’
दिल्ली पहुंचने के बाद फ्लाइट के कप्तान का पोस्ट-फ्लाइट ड्रग स्क्रीनिंग टेस्ट किया गया। शुरुआती स्क्रीनिंग का परिणाम ‘नॉट नेगेटिव’ आया है। यह शब्द महत्वपूर्ण है, क्योंकि शुरुआती स्क्रीनिंग में ऐसा परिणाम आने का अर्थ किसी प्रतिबंधित या मनो-सक्रिय पदार्थ की मौजूदगी की पुष्टि होना नहीं है।
सरकार के अनुसार, नमूना अब कन्फर्मेटरी टेस्ट के लिए भेजा गया है। इस जांच के बाद ही स्पष्ट हो पाएगा कि स्क्रीनिंग में आया परिणाम वास्तव में किसी प्रतिबंधित पदार्थ की मौजूदगी की पुष्टि करता है या नहीं।
दोनों पायलट ड्यूटी से हटाए गए
घटना की गंभीरता को देखते हुए दोनों पायलटों को जांच पूरी होने तक ड्यूटी से हटा दिया गया है। अधिकारियों की ओर से फ्लाइट में हुई टर्बुलेंस और पायलटों से जुड़े टेस्ट, दोनों पहलुओं की जांच की जा रही है।
फिलहाल यह कहना जल्दबाजी होगी कि टर्बुलेंस की घटना और डोप टेस्ट के शुरुआती परिणाम के बीच कोई सीधा संबंध है। इसकी वास्तविक स्थिति जांच और कन्फर्मेटरी रिपोर्ट सामने आने के बाद ही स्पष्ट होगी।
एयर सेफ्टी को लेकर उठे सवाल
इस घटनाक्रम ने विमानन क्षेत्र में पायलट फिटनेस और एयर सेफ्टी प्रोटोकॉल को लेकर चर्चा तेज कर दी है। अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के चालक दल पर सुरक्षा नियमों के तहत कड़े परीक्षण लागू होते हैं। ऐसे मामलों में शुरुआती स्क्रीनिंग के बाद पुष्टि करने वाली जांच महत्वपूर्ण होती है, ताकि किसी पायलट पर अंतिम निष्कर्ष वैज्ञानिक जांच के आधार पर ही निकाला जाए।
निष्कर्ष
फुकेत-दिल्ली एयर इंडिया फ्लाइट में टर्बुलेंस के बाद पायलट के डोप टेस्ट का ‘नॉट नेगेटिव’ आना निश्चित तौर पर गंभीर घटनाक्रम है, लेकिन इसे अभी पॉजिटिव टेस्ट की अंतिम पुष्टि नहीं माना जा सकता। नमूना कन्फर्मेटरी टेस्ट के लिए भेजा गया है और दोनों पायलटों को जांच पूरी होने तक ड्यूटी से हटा दिया गया है। अब सभी की नजर अंतिम जांच रिपोर्ट पर है।



