Stock Market Today: चार दिन की गिरावट के बाद शेयर बाजार में लौटी रौनक, Sensex 500 अंक उछला

लगातार चार कारोबारी सत्रों की कमजोरी के बाद शुक्रवार को भारतीय शेयर बाजार में खरीदारी का माहौल नजर आया। शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स करीब 450-500 अंक की तेजी के साथ 76,600 के पार पहुंच गया, जबकि निफ्टी 50 भी 23,950 के स्तर से ऊपर कारोबार करता नजर आया। बाजार में आई इस तेजी से निवेशकों को कुछ राहत मिली है। उपलब्ध बाजार आंकड़ों में 4 सितंबर को सेंसेक्स करीब 76,685 के आसपास और निफ्टी 23,940 के करीब दिखा।

चार दिन की गिरावट के बाद बाजार में तेजी

पिछले कुछ कारोबारी सत्रों से भारतीय शेयर बाजार दबाव में था। वैश्विक स्तर पर जारी अनिश्चितता और भू-राजनीतिक तनाव का असर बाजार की धारणा पर देखने को मिला था। बुधवार को सेंसेक्स करीब 374 अंक और निफ्टी करीब 141 अंक की गिरावट के साथ बंद हुए थे।

इसके बाद शुक्रवार के शुरुआती कारोबार में बाजार में खरीदारी लौटती दिखाई दी। बैंकिंग, वित्तीय और चुनिंदा बड़े शेयरों में खरीदारी से प्रमुख सूचकांकों को मजबूती मिली।

Nifty 24,000 के करीब

निफ्टी 50 में भी शुरुआती कारोबार के दौरान मजबूती देखने को मिली और इंडेक्स 23,950 के स्तर के आसपास/ऊपर कारोबार करता रहा। गुरुवार को भी निफ्टी ने हरे निशान में कारोबार किया था और 23,950 के ऊपर बना रहा था।

अब बाजार की नजर निफ्टी के 24,000 के मनोवैज्ञानिक स्तर पर रहेगी। अगर खरीदारी का रुख बना रहता है तो यह स्तर बाजार के लिए अहम साबित हो सकता है। वहीं, ऊपरी स्तरों पर मुनाफावसूली आने की स्थिति में उतार-चढ़ाव भी देखने को मिल सकता है।

बैंकिंग और अन्य सेक्टर पर नजर

शुरुआती कारोबार में बैंकिंग और वित्तीय शेयरों में मजबूती ने बाजार को सहारा दिया। पिछले कारोबारी सत्र में भी बैंक निफ्टी और निफ्टी फाइनेंशियल सर्विसेज में मजबूती देखने को मिली थी। इसके साथ ही रियल्टी और मेटल जैसे कुछ सेक्टर भी बढ़त में रहे थे, जबकि IT और कुछ अन्य सेक्टरों में दबाव बना हुआ था।

बाजार विशेषज्ञों के मुताबिक आने वाले कारोबार में घरेलू निवेशकों की गतिविधियां, वैश्विक बाजारों का रुख, कच्चे तेल की कीमत और भू-राजनीतिक घटनाक्रम महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।

ग्लोबल संकेत भी बाजार के लिए अहम

भारतीय बाजार के लिए इस समय वैश्विक संकेत काफी महत्वपूर्ण हैं। कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव और अमेरिका समेत अन्य प्रमुख बाजारों की चाल का असर घरेलू निवेशकों की धारणा पर पड़ सकता है। ऐसे माहौल में बाजार में तेज उतार-चढ़ाव से इनकार नहीं किया जा सकता।

हालांकि शुक्रवार की शुरुआती तेजी से निवेशकों को राहत जरूर मिली है, लेकिन लगातार चार दिनों की गिरावट के बाद बाजार की मौजूदा तेजी को लेकर कारोबारियों की नजर इस बात पर रहेगी कि बाजार बढ़त को पूरे कारोबारी सत्र में कायम रख पाता है या नहीं।

Related Articles

Back to top button