टेक ज्ञान

5G Wireless: जानें उपलब्धता से लेकर Internet Speed और चुनौती तक हर बात

यह साल 5G सेवा के लिए मील का पत्थर साबित होने वाला है। साल के अंत में दुनिया के कई देशों में 5G Wireless सेवा की शुरुआत होने वाली है। यूरोपीय देशों के साथ-साथ अमेरिका एवं कुछ एशियाई देशों में भी व्यवसायिक तौर पर यह सेवा शुरू की जा सकती है। कई ऑरिजिनल इक्यूपमेंट मैन्युफैकचर्रस (OEM) ने अपने 5G सपोर्ट वाले स्मार्टफोन्स को लॉन्च करने की तैयारी भी पूरी कर ली है।

दूरसंचार इंडस्ट्री की मानें तो 5G Wireless सेवा को आने वाले समय के लिए एक बड़े इनोवेशन के तौर पर देखा जा रहा है। भविष्य की तकनीक के लिए 5G Wireless सेवा एक रीढ़ की हड्डी की तरह काम करेगा। इस महीने स्पेन के बार्सिलोना में आयोजित होने वाले MWC mobile conference 2019 (MWC 2019) में 5G तकनीक पर जोर रहने की संभावना है

5G क्या है?

सबसे पहले हमारे मन में यही सवाल पैदा होता है कि 5G आखिर है क्या? तो आपको बता दें कि यह wireless नेटवर्क तकनीक की पांचवी पीढ़ी (5th Generation) है। इस सेवा में आपको सुपरफास्ट हाई स्पीड इंटरनेट कनेक्टिविटी मिलेगी। साथ ही आप एक साथ कई डिवाइस को बिना इंटरनेट स्पीड कम हुए कनेक्ट कर सकेंगे। इसकी वजह से इंटरनेट पर हैवी ट्रैफिक से छुटकारा मिल सकता है। इस सेवा को व्यवसायिक तौर पर शुरू करने और यूजर्स को इसे स्वीकारने के लिए इंफ्रास्ट्रक्चर को बेहतर बनाना दूरसंचार कंपनियों के लिए चुनौती हो सकती है। इसके अलावा स्मार्टफोन एवं डिवाइस निर्माता कंपनियों को भी 5G Wireless को अपनाने के लिए अपनी तकनीक को अपग्रेड करना होगा।

स्मार्टफोन के प्रोसेसिंग चिप से लेकर रेडियो एंटिना को भी 5G Wireless के हिसाब से अपग्रेड करना पड़ेगा। इसके बाद ही यूजर्स को इस सेवा का पूर्ण रूप से फायदा मिलेगा। भारत में भी 5G Wireless को दुनियाभर के देशों के साथ शुरू किया जा सकता है। इसके लिए दूरसंचार कंपनियों ने अपनी इंफ्रास्ट्रक्चर को भी अपग्रेड करना शुरू कर दिया है।

CTIA की रिपोर्ट की मानें तो इस 5G Wireless सेवा को अमेरिका में व्यवसायिक तौर पर शुरू करने के लिए दूरसंचार कंपनियों को कम से कम 275 बिलियन अमेरिकी डॉलर (लगभग 19 लाख करोड़ रुपये) का निवेश करना होगा। यह निवेश मुख्य तौर पर मोबाइल टावर्स को अपग्रेड करने, नए 5G Wireless एंटिना को लगाने के लिए किया जाएगा। ताकि यूजर्स को बेहतर कनेक्टिविटी मिल सके।

कब होगी शुरुआत?

अमेरिकी देशों में यह सेवा इस साल के अंत तक शुरू की जा सकती है। कुछ सालों में यह दुनियाभर के अन्य देशों में भी शुरू किया जा सकता है। अमेरिकी दूरसंचार कंपनी AT&T ने पहले से ही 5G के नाम से सेवा की टेस्टिंग शुरू कर दी है। वहीं, एक और अमेरिकी दूरसंचार कंपनी Sprint भी इस सेवा को शुरू करने की तैयारी में है। भारतीय दूरसंचार कंपनियों की बात करें तो Reliance Jio और Airtel भी इस सेवा के लिए इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलप करने की तैयारी में है। एक बार नेटवर्क सेट होने के बाद यूजर्स को 5G कम्पैटिबल डिवाइस की जरूरत होगी। इसके बाद ही वे इस 5G Wireless सेवा का लाभ ले सकते हैं। इस साल की आखिरी छमाही में या फिर 2020 की शुरुआत में 5G Wireless सेवा को लॉन्च किया जा सकता है। स्मार्टफोन निर्माता कंपनियां भी अपने 5G इनेबल्ड स्मार्टफोन्स को तब तक बाजार में पेश कर सकती हैं।

5G Wireless सेवा के फायदे

5G Wireless सेवा से सबसे बड़ा फायदा यह है कि लोगों को हाई स्पीड इंटरनेट कनेक्टिविटी का लाभ मिलेगा। शहरों को नेटवर्क कनेक्टिविटी के माध्यम से स्मार्ट बनाया जा सकेगा। इसके अलावा ऑनलाइन वीडियो स्ट्रीमिंग प्लेटफॉर्म्स (Netflix, Amazon Prime, Hotstar, Youtube) पर यूजर्स को बिना बफरिंग के इंटरटेनमेंट का लाभ मिलेगा। इसके अलावा सबसे बड़ा फायदा उन यूजर्स को होगा जो ऑनलाइन कंटेंट या वीडियो डाउनलोड करते हैं। इन यूजर्स को किसी भी वीडियो को डाउनलोड करने में कम समय लगेगा।

5G से होने वाले खतरे

5G सेवा से हाई स्पीड इंटरनेट कनेक्टिविटी तो मिलेगी, लेकिन इससे डाटा सुरक्षा में भी चुनौती मिल सकती है। अमेरिकी सरकार ने दूरसंचार कंपनियों को चीनी टेलिकॉम तकनीक के इस्तेमाल न करने के लिए चेतावनी दी है। डाटा सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए Huawei (चीनी स्मार्टफोन निर्माता कंपनी) के नेटवर्क इक्विपमेंट से डाटा सुरक्षा के लिए चुनौती माना है।

Related Articles

Back to top button