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BCCI ने साफ कर दिया है कि यदि सरकार मना करेगी, तो पाकिस्‍तान टीम के साथ कोई मैच नहीं खेला जाएगा

कश्‍मीर के पुलवामा में सीआरपीएफ के काफिले पर हुए आतंकी हमले के बाद ये सवाल खड़ा हो गया है कि भारतीय क्रिकेट टीम ‘क्रिकेट विश्‍व कप’ में पाकिस्‍तान टीम के साथ मैच खेलने मैदान में उतरेगी या नहीं? भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) ने साफ कर दिया है कि यदि सरकार मना करेगी, तो पाकिस्‍तान टीम के साथ कोई मैच नहीं खेला जाएगा। इसी मुद्दे पर 22 फरवरी यानि शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट द्वारा नियुक्‍त प्रशासकों की समिति (सीओए) की दिल्‍ली में बैठक होने जा रही है। इस बैठक के दौरान आगे की रणनीति तय की जाएगी और खेल मंत्रालय, विदेश मंत्रालय और गृह मंत्रालय से सलाह मांगी जाएगी। इसके बाद बीसीसीआई और सीओए मिलकर एक नजीते पर पहुंचेंगे।

सीओए की बैठक के बाद ही बीसीसीआई पाकिस्तान को क्रिकेट विश्व कप से बाहर करने के लिए अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (आईसीसी) को चिट्ठी लिखेगा। अभी तक ऐसी कोई चिट्ठी नहीं लिखी गई है, जिसे लेकर अटकलें लगाई जा रही हैं। दरअसल, सीओए के प्रमुख और पूर्व कैग प्रमुख विनोद राय ने बीसीसीआई के सीईओ राहुल जौहरी को आईसीसी को यह लिखने को कहा है। साथ ही जौहरी को इस महीने दुबई में होने वाली आईसीसी की बैठक में यह भी जानकारी देंगे कि भारत के लोग पाकिस्तान के साथ विश्व कप मैच नहीं चाहते हैं।

बीसीसीआई के एक पदाधिकारी ने इसकी पुष्टि की, लेकिन साथ ही कहा कि इसकी कोई गारंटी नहीं है कि आईसीसी हमारी बात माने। इस बार का प्रारूप भी ऐसा है जिसमें हर टीम को हर टीम से ग्रुप स्तर में ही भिड़ना है। यानी भारत को हर कीमत पर पाकिस्तान से भिड़ना ही होगा। अगर दो ग्रुप होते तो उसमें बदलाव करके पाकिस्तान के खिलाफ मैच को टाला जा सकता था। पदाधिकारी ने कहा कि अगर आईसीसी हमारी बात नहीं मानता है और पाकिस्तान को प्रतिबंधित नहीं करता है तो एक रास्ता है कि विरोध स्वरूप पाकिस्तान के खिलाफ मैच नहीं खेला जाए, लेकिन इससे टीम इंडिया का ही नुकसान होगा।

ऐसी स्थिति में पाकिस्तान को जीता हुआ घोषित किया जाएगा और उसे अंक मिल जाएंगे। ऐसा ही एक बार हुआ था जब भारत, पाकिस्तान और श्रीलंका ने संयुक्त रूप से विश्व कप आयोजित किया था और कुछ टीमों ने सुरक्षा कारणों से श्रीलंका में मैच नहीं खेले थे। ऐसी परिस्थिति में श्रीलंका को विजेता टीम को मिलने वाले अंक दे दिए गए थे। पदाधिकारी ने कहा कि 22 तारीख को ही दिल्ली में सीओए की बैठक है। उसमें इस पर चर्चा हो सकती है, लेकिन जहां तक मुझे पता है कि सीओए की दूसरी सदस्य डायना इडुल्जी इस बात से सहमत नहीं हैं, क्योंकि उनका मानना है कि अगर आईसीसी हमारी बात नहीं मानता है तो इससे हमारा मान घटेगा।

बीसीसीआई के तीनों पदाधिकारियों का भी मानना है कि आनन-फानन में कोई कदम उठाने की जगह सोच-समझकर दूरगामी फैसला लेना चाहिए। हम पहले से ही पाकिस्तान के खिलाफ द्विपक्षीय सीरीज नहीं खेल रहे हैं। उनके खिलाड़ियों को आइपीएल में नहीं खिलाया जा रहा है।

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