उत्तर प्रदेश

सपा-बसपा से गठबंधन पर बोले सिंधिया, हमारे रास्ते अलग हो सकते हैं लेकिन लक्ष्य एक है

पश्चिम उत्तर प्रदेश की कमान ज्योतिरादित्य सिंधिया के हाथों में मिलने के बाद कांग्रेस ने आने वाले लोकसभा चुनाव 2019 अपने दम पर लड़ने का एलान कर चुकी है। अपने दम पर लोकसभा की 80 सीटों पर चुनाव लड़ने जा रही है। आपको बता दें कि ज्योंतिरादित्या मध्य प्रदेश के बड़े सियासी चेहरों में से एक हैं। लोकसभा चुनाव 2019 में कांग्रेस अपने दम पर उत्तर प्रदेश में आम चुनाव लड़ेगी, पार्टी के पश्चिम यूपी प्रभारी ज्योतिरादित्य सिंधिया ने शनिवार को कहा कि उनकी पार्टी का रास्ता सपा और बसपा से अलग हो सकता है लेकिन उनका उद्देश्य एक ही है।

ऑल इंडिया कांग्रेस कमेटी के महासचिव पश्चिम उत्तर प्रदेश के प्रभारी सिंधिया ने कहा कि पार्टी सपा और बसपा द्वारा लिए गए निर्णयों का सम्मान करती है। उन्हें अपना रास्ता चुनने का हक है लेकिन इस विषय पर बातचीत और चर्चा भी दोनों तरफ से जरूरी है। सिंधिया ने यह भी कहा कि जहां तक गठबंधन के लिए बातचीत का संबंध है, ‘समान विचारधारा वाले दलों को भी समान विचारधारा वाले तरीके से सोचना चाहिए’।  की यह टिप्पणी महत्तवपूर्ण हैं कि उत्तर प्रदेश में कांग्रेस को शामिल करने के लिए महागठबंधन पर पुनर्विचार हो सकता है।

अखिलेश यादव की इस टिप्पणी पर कि समाजवादी पार्टी-बहुजन समाज पार्टी-राष्ट्रीय लोकदल के गठबंधन में कांग्रेस बड़ी पार्टी थी और इसके लिए दो सीटें छोड़ी जा रही थीं, सिंधिया ने कहा, ‘अगर यह उनकी सोच है, तो हम 2-3 भी छोड़ सकते हैं उनके लिए सीटें।’ आने वाले लोकसभा चुनावों में हम कांग्रेस को उत्तर प्रदेश में मजबूती से स्थापित करने जा रहे हैं।

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