राजनीति

राजद के वरिष्ठ नेता शिवानंद तिवारी ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को दी ये सलाह

राजद के वरिष्ठ नेता शिवानंद तिवारी ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को सलाह दी है कि अब मजबूरियों को छोड़िए और देशहित के लिए, बिहार की भलाई के लिए भाजपा का साथ छोड़कर देश के सभी विपक्षी दलों का नेतृत्व कीजिए। बस आपमें ही ये क्षमता है कि आप नरेंद्र मोदी का मुकाबला कर सकते हैं और अब वो समय आ गया है कि नीतीश कुमार राष्ट्रीय पटल पर आगे बढ़ें ।

देशहित में सोचें नीतीश कुमार

शिवानंद तिवारी ने जागरण डॉट कॉम से खास बातचीत में कहा कि नीतीश कुमार सब जानते हैं कि भाजपा की मंशा क्या है? वह देश में उन्माद, हिंसा को बढ़ावा देकर धर्म के नाम पर गंदी राजनीति कर रही है। तीन तलाक, अनुच्छेद 370 और राम मंदिर जैसे विवादित मुद्दों पर जदयू ने जो अपना स्टैंड लिया है, उसका हम समर्थन करते हैं और नीतीश कुमार से अपील करते हैं कि अब वो देश हित का सोचें।

नीतीश की क्षमता सिर्फ सीएम तक ही नहीं

उन्होंने कहा कि अभी देश में विपक्ष का कोई चेहरा नहीं है। नीतीश की क्षमता सिर्फ सीएम तक ही नहीं है,  ये उन्हें समझना चाहिए। पीएम नरेंद्र मोदी का मुकाबला सिर्फ नीतीश कुमार ही कर सकते हैं। देश को बांटने वाली ताकतों के खिलाफ अब नीतीश कुमार को खड़ा होना चाहिए और सत्ता का मोह छोड़कर नरेंद्र मोदी का मुकाबला करना चाहिए। अगर वो विपक्ष का नेतृत्व करें तो उन्हें राजद समेत सभी विरोधी पार्टियों का समर्थन मिलेगा।

नरेंद्र मोदी की वजह से छोड़ा था एनडीए 

तिवारी ने कहा कि अटल बिहारी वाजपेयी की सरकार में नीतीश कुमार ने बीजेपी का साथ और केंद्रीय मंत्री का पद नहीं छोड़ा, लेकिन 2013 में जब बीजेपी ने नरेंद्र मोदी को प्रधानमंत्री पद का उम्मीदवार बनाया तो नीतीश ने एनडीए से नाता तोड़ लिया। उस समय एक इंटरव्यू में नीतीश कुमार ने नरेंद्र मोदी के राजनीतिक व्यक्तित्व पर सवाल उठाते हुए कहा था कि ‘प्रधानमंत्री पद के दावेदार का व्यक्तित्व खुरदुरा नहीं होना चाहिए।’

नीतीश कुमार को उस वक्त भी पीएम मोदी का नेतृत्व का स्वीकार नहीं था, आज भी उनके सिद्धांत अलग हैं। अभी के वक्त में देश में जो माहौल बनाया जा रहा है, उसके खिलाफ सबको एकजुट होना चाहिए। देश में हिंदू राष्ट्र के नाम पर हिंसा और उन्माद भड़काया जा रहा है। जम्मू-कश्मीर को बांट दिया गया, केंद्र शासित प्रदेश बना दिया गया। वहां भी गुंडागर्दी की जा रही और उन्माद भड़काया जा रहा है। देश को तोड़ने की राजनीति की जा रही है। इसके खिलाफ आवाज उठानी ही होगी।

सिद्धांतों से समझौता नहीं करते हैं नीतीश कुमार

शिवाानंद तिवारी ने कहा कि मैं नीतीश कुमार के साथ भी रहा हूं और अब लालू जी के साथ हूं। दोनों में भले ही वैचारिक मतभेद हों। लेकिन दोनों शुरू से ही धर्मनिरपक्ष ताकतों के खिलाफ लड़ाई लड़ते रहे हैं और अपने सिद्धांतों से कभी समझौता नहीं किया। आज भी नीतीश कुमार गठबंधन में रहकर अपने स्टैंड पर कायम हैं और अपने सिद्धांतों के आगे भाजपा के सामने घुटने नहीं टेकते हैं। नीतीश कुमार सधी राजनीति करते हैं।

तेजस्वी की वापसी का हो रहा इंतजार

शिवानंद तिवारी ने माना कि राजद की स्थिति अभी ठीक नहीं है। पार्टी अभी कई तरह की परेशानियां झेल रही हैं। लेकिन, हम मिल-जुलकर पहले की ही तरह मजबूती से खड़े होंगे। हमारे नेता तेजस्वी यादव हैं और वही रहेंगे। किन्हीं खास वजहों से वो अभी दिल्ली में हैं और शायद जल्द ही पटना आएंगे। तेजस्वी आएंगे और फिर से पूरी सक्रियता और तन्मयता से पार्टी की कमान संभालेंगे।

महागठबंधन हुआ कमजोर 

शिवानंद तिवारी ने माना कि अभी की जो स्थिति है उसमें महागठबंधन में टूट जारी है। क्योंकि नेतृत्व कौन करे? ये सबसे बड़ा संकट है। हमारी पार्टी बिहार की सबसे बड़ी पार्टी है। लेकिन जब परेशानियां आती हैं तो कोई भी आपका साथ नहीं देता, धीरे-धीरे सब आपसे किनारा कर लेते हैं। हमारी पार्टी में ही परेशानियां हैं तो सहयोगी भी दूर हो रहे हैं। कमजोर के साथ कोई रहना नहीं चाहता। मुझे पूरी यकीन है कि हमारे नेता और कार्यकर्ता जिस निराशा और हतोत्साह के दौर से गुजर रहे हैं, जल्द ही सब ठीक हो जाएगा।

तेजप्रताप को कोई नोटिस नहीं लेता 

तेजप्रताप को राजद का नेता बनाया जा सकता है? इस सवाल पर शिवानंद तिवारी ने कहा कि मीडिया में जो भी कयास लगे, पार्टी में कोई भी तेजप्रताप को उतना तवज्जो नहीं देता, उन्हें हम कैसे नेता मान लेंगे। हमारे नेता तेजस्वी यादव हैं। तेजप्रताप ने भी बार-बार खुद कहा है कि वो तेजस्वी को अपना अर्जुन मानते हैं और खुद को कृष्ण। फिर एेसे में नेता बनने या बनाने का सवाल कहां उठता है?

लालूजी के नहीं रहने से ही हो रही परेशानी

शिवानंद तिवारी ने कहा कि आज राजद की स्थिति से पार्टी के अध्यक्ष लालू जी भी चिंतित हैं। पारिवारिक परेशानियों के साथ ही पार्टी भी संकट के दौर से गुजर रही है। लालू जी रहते तो पार्टी की ये स्थिति नहीं होती। लेकिन उनके नहीं रहने की वजह से परेशानियां बढ़ती जा रही हैं।

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