नई दिल्ली: वैश्विक बाजारों में जारी उतार-चढ़ाव और अमेरिकी टैरिफ से जुड़ी चिंताओं के बीच भारतीय शेयर बाजार ने गुरुवार, 17 सितंबर 2026 को कमजोर शुरुआत की। शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स और निफ्टी मामूली गिरावट के साथ खुले। सेंसेक्स 72.05 अंक गिरकर 74,264.40 के स्तर पर खुला, जबकि निफ्टी 5.50 अंक की गिरावट के साथ 23,212.10 पर पहुंच गया।

सेंसेक्स-निफ्टी की कैसी रही शुरुआत?
बाजार खुलने के समय बड़ी गिरावट देखने को नहीं मिली, लेकिन निवेशकों में सतर्कता बनी रही। निफ्टी 23,200 के आसपास कारोबार करता नजर आया। शुरुआती कारोबार में कुछ प्रमुख शेयरों में खरीदारी देखने को मिली, जबकि कुछ बड़े शेयर दबाव में रहे।
बाजार की चाल पर घरेलू संकेतों के साथ-साथ अमेरिका और अन्य वैश्विक बाजारों के रुझान का भी असर देखने को मिल रहा है।
फेड के फैसले का बाजार पर असर
भारतीय बाजार के लिए गुरुवार की शुरुआत ऐसे समय हुई जब अमेरिकी फेडरल रिजर्व ने ब्याज दर में 25 बेसिस पॉइंट की बढ़ोतरी की है। इसके बाद अमेरिकी शेयर बाजार में बुधवार को गिरावट दर्ज की गई। डाउ जोन्स 631 अंकों से ज्यादा गिरा, जबकि S&P 500 और Nasdaq में भी कमजोरी रही।
अमेरिकी 10-वर्षीय ट्रेजरी यील्ड भी 5% से ऊपर पहुंच गई, जिसे वैश्विक निवेशकों के लिए एक महत्वपूर्ण संकेत माना जा रहा है। ऊंची बॉन्ड यील्ड का असर उभरते बाजारों में विदेशी निवेश के रुख पर पड़ सकता है।
एशियाई बाजारों में दिखी मजबूती
भारतीय बाजार की कमजोर शुरुआत के बावजूद एशिया के कई प्रमुख बाजारों में शुरुआती कारोबार के दौरान तेजी रही। जापान का निक्केई और टॉपिक्स तथा दक्षिण कोरिया के कोस्पी और कोस्डैक बढ़त के साथ कारोबार कर रहे थे। ऑस्ट्रेलिया का S&P/ASX 200 भी मजबूत रहा।
इससे संकेत मिलता है कि वैश्विक बाजारों में तस्वीर पूरी तरह एकतरफा नहीं है और अलग-अलग बाजारों पर स्थानीय तथा वैश्विक कारकों का अलग प्रभाव पड़ रहा है।
अमेरिकी टैरिफ और ग्लोबल तनाव पर नजर
निवेशक अमेरिका की टैरिफ नीतियों और वैश्विक व्यापार से जुड़े घटनाक्रम पर भी नजर बनाए हुए हैं। टैरिफ को लेकर अनिश्चितता का असर कंपनियों की लागत, वैश्विक व्यापार और निवेश धारणा पर पड़ सकता है।
इसके अलावा कच्चे तेल की कीमतों, डॉलर की चाल, अमेरिकी बॉन्ड यील्ड और भू-राजनीतिक तनाव भी भारतीय शेयर बाजार की दिशा तय करने वाले प्रमुख संकेतकों में शामिल हैं।
किन शेयरों पर रही नजर?
शुरुआती कारोबार में टाटा कंज्यूमर, HUL और बजाज फिनसर्व जैसे कुछ शेयरों में मजबूती देखने को मिली। वहीं कोटक बैंक, इंफोसिस और रिलायंस इंडस्ट्रीज जैसे प्रमुख शेयरों में दबाव देखा गया।
बाजार में सेक्टर और स्टॉक स्तर पर अलग-अलग रुझान देखने को मिल रहे हैं, इसलिए शुरुआती उतार-चढ़ाव को पूरे दिन की बाजार दिशा का अंतिम संकेत नहीं माना जा सकता।
निवेशकों के लिए आज क्या अहम रहेगा?
आज बाजार में कारोबार के दौरान अमेरिकी फेड के फैसले का असर, वैश्विक बाजारों की चाल, अमेरिकी बॉन्ड यील्ड, कच्चे तेल की कीमत और टैरिफ से जुड़े नए अपडेट महत्वपूर्ण रहेंगे। इसके अलावा विदेशी और घरेलू संस्थागत निवेशकों की खरीद-बिक्री भी बाजार की दिशा को प्रभावित कर सकती है।


