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देश में 35 लाख में मिल रहे हैं सैनेटरी पैड, जानिए क्या है कारण

दक्षिणी अमरीका महाद्वीप में स्थित देश वेनेज़ुएला Venezuela में कई सालों से मंदी का दौर चल रहा है. यहाँ हर चीज़ इतनी महँगी मिल रही है जिसके बारे में आप सोच भी नहीं सकते.जो चीज़ बहुत सस्ती मिलनी चाहिए वही चीज़ लाखों में बिक रही है. इस मंदी के दौर के कारण ही यहां के लोग मजबुर हैं उन चीज़ों को लेने के लिए. आपको बता दें, यह देश महंगाई से नहीं महामहंगाई से जूझ रहा है. आर्थिक संकट के चलते वहां इस कदर महंगाई है कि लोग खाने का सामान खरीदने के लिए जूझ रहे हैं. 

आप यकीन नहीं कर पाएंगे कि यहां महंगाई दर 10 लाख फीसदी तक पहुंचने का अनुमान है. वेनेज़ुएला में पिछले कुछ दिनों में सामान की कीमतों में दोगुनी वृद्धि हुई. जिसके चलते बड़े नोटों की डिमांड बढ़ी है. इतना ही नहीं, वहां के बैंकों ने ग्राहकों पर अकाउंट से पैसे निकालने की सीमा तय कर दी. साथ ही वहां की सरकार ने इस महामहंगाई को काबू में करने के लिए जो योजना बनाई है उसे लेकर कन्फ़्यूजन और बढ़ा है. 

यहां के राष्ट्रपति ने मुद्रा बोलिवार का नाम बदलकर ‘सॉवरेन बोलिवार’ कर दिया है. सरकार ने वहां  न्यूनतम पारिश्रमिक में 34 गुना की वृद्धि करने का ऐलान भी किया है. यहां के लोग धीरे-धीरे आसपास के देशों में पलायन कर रहे हैं. तो जानिए वहां सदा सा सामान कितना महंगा हो गया है. 

टॉयलेट रोल के लिए लोगों को 26 लाख बोलिवार चुकाने पड़ रहे हैं.

8-10 गाजर मार्केट में 30 लाख बोलिवर में मिल रही हैं.

चावल के एक पैकेट की कीमत 25 लाख बोलिवर है.

वेनेजुएला में एक सैनेटरी पैड के पैकेट के लिए 35 लाख बोलिवार चुकाने पड़ रहे हैं.

एक किलो पनीर के लिए 75 लाख रुपये देने पड़ रहे हैं. 

वेनेजुएला की राजधानी कराकस के एक कैफे में पिछले महीने एक कॉफी प्याली की कीमत 25 लाख बोलिवर थी.

1.2 किलो चिकन की कीमत 73 लाख, यानी 1 किलो की कीमत लगभग 48 बोलीवर लाख है. 

वहां के लोगों को एक किलो टमाटर खरीदने के लिए 50 लाख बोलीवर चुकाने पड़ रहे हैं.

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